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सीएसआईआर-इमटैक चंडीगढ़

हिन्दी अनुभाग

सीएसआईआर-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान, चंडीगढ़

सूचना / अपडेट
नया राजभाषा सहायक अनुवादक टूल लाइव कर दिया गया है। अनुवाद के लिए "हिंदी ई-टूल्स" मेनू पर जाएं। आगामी कार्यशाला: "कंठस्थ 2.0 और वैज्ञानिक लेखन" 31 अगस्त 2026 को आयोजित होगी। अभी पंजीकरण करें। राजभाषा कार्यान्वयन समिति की पिछली बैठक का कार्यवृत्त जारी कर दिया गया है।

संस्थान और हिन्दी अनुभाग के बारे में

वर्ष 1984 में सीएसआईआर-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान, चंडीगढ़ का गठन हुआ था। तभी से भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रावधानों के अनुपालन में हिन्दी अनुभाग लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संस्थान के निदेशक राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष होते हैं। वे हिन्दी अनुभाग की गतिविधियों का कुशल निर्देशन और नीतिगत मामलों के समन्वयन के लिए उत्तरदायी होते हैं।

संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग को वैज्ञानिक स्तर पर भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राजभाषा अधिनियम 1963 तथा केंद्र सरकार द्वारा निर्मित राजभाषा नियम, 1976 के अंतर्गत विभिन्न दिशा-निर्देशों का सुचारू रूप से अनुपालन किया जाता है। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जारी होने वाले वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए संस्थान लगातार सक्रिय है।

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संस्थान की राजभाषा तिमाही प्रगति रिपोर्ट व सांख्यिकी

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के वार्षिक कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के तहत सीएसआईआर-इमटेक चंडीगढ़ द्वारा अद्यतित प्रगति संकेतक।

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आज का राजभाषा सुविचार 2026
"राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल संवैधानिक बाध्यता नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्रीय गौरव और वैज्ञानिक संवाद को सुगम बनाने का एक सशक्त माध्यम है।"

— राजभाषा विभाग, इमटेक