DIRECTOR'S MESSAGE

Dr. Alka Rao

Dr. Alka Rao

 

मुझे वर्ष 2018–2022 की अवधि के लिए सीएसआईआर–सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR–IMTECH) की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आधुनिक सूक्ष्मजीवविज्ञान के विशिष्ट क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान हो अथवा सूक्ष्मजीवी जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित अनुप्रयुक्त एवं रूपांतरणात्मक परियोजनाएँ, वर्ष 1984 में अपनी स्थापना के बाद से ही CSIR–IMTECH इस क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में रहा है।

CSIR–IMTECH ने इस अवधि के दौरान अनेक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आयोजनों की मेजबानी की, जिनमें अक्टूबर 2018 में “CCP4 Workshop and Computational Crystallography School”, नवंबर 2018 में “INTERVIROCON 2018 – International Conference of Virology”, दिसंबर 2018 में “IMTechCon 2.0 BiotheraP: An Industry–Academia Meet” तथा मार्च 2019 में “Microbial Pathogenesis and New Frontiers” प्रमुख हैं। हमारे लिए यह अत्यंत गौरव का विषय रहा कि हमने अनेक विश्व-प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों की मेजबानी की, जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रोनिंगन के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. बर्नार्ड लुकास फेरिंगा तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम के प्रसिद्ध ब्रिटिश जैव-रसायनविद् सर प्रो. टॉम ब्लंडेल शामिल थे। CSIR–IMTECH के अनेक वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट अनुसंधान योगदान के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित व्यावसायिक एवं वैज्ञानिक सम्मान भी प्राप्त हुए।

पिछले कुछ वर्ष अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहे, क्योंकि संपूर्ण विश्व कोविड-19 महामारी से उत्पन्न अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था। मुझे इस बात पर गर्व है कि टीम CSIR–IMTECH कोविड-19 की रोकथाम एवं उसके प्रभाव को कम करने के राष्ट्रीय प्रयासों में अग्रिम पंक्ति में रही। महामारी के प्रारंभिक चरण में ही CSIR–IMTECH ने अपने अत्याधुनिक BSL-3 तथा BSL-2 प्रयोगशाला अवसंरचना का प्रभावी एवं विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए RT-qPCR आधारित कोविड-19 परीक्षण के लिए आवश्यक अवसंरचना एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराया। इस उल्लेखनीय योगदान के परिणामस्वरूप भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा संस्थान को कोविड-19 परीक्षण के लिए एक नोडल केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई।

संस्थान ने ट्राइसिटी, हरियाणा, पंजाब तथा उत्तराखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा भेजे गए कोविड-19 नमूनों का परीक्षण करने के साथ-साथ अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं के कार्मिकों को कोविड-19 RT-PCR परीक्षण का प्रशिक्षण भी प्रदान किया। नैदानिक नमूनों के परीक्षण के अतिरिक्त, CSIR–IMTECH के वैज्ञानिकों ने सीवेज नमूनों के परीक्षण हेतु प्रोटोकॉल का अनुकूलन किया तथा अन्य CSIR प्रयोगशालाओं के साथ एक बहुविषयी दल के रूप में SARS-CoV-2 वायरस के एरोसोल संचरण की निगरानी के लिए वायु नमूनाकरण भी किया।

हमारे अनेक वैज्ञानिकों ने मिशन मोड में कार्य करते हुए कोविड-19 से संबंधित कई महत्वपूर्ण अनुसंधान परियोजनाएँ प्रारंभ कीं। इनमें कोविड-19 निदान के लिए बायोसेंसर का विकास, कोविड-19 वैक्सीन हेतु इम्यूनोजन का विकास, बहु-केंद्रीय जीनोम निगरानी, स्थिरीकृत परफ्यूजन स्पाइक प्रोटीन आधारित वैक्सीन डिजाइन तथा अन्य संबंधित अनुसंधान परियोजनाएँ शामिल थीं।

Last Modified Date:- 12-08-2026