निदेशक का संदेश

Dr. Alka Rao

डॉ. अलका राव

 

चार दशकों से, सीएसआईआर–सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IMTECH) ने एक ही विश्वास को दृढ़ता से जीया और साबित किया है: कि सूक्ष्मजीवों का संसार, जो साधारण तौर पर अदृश्य है, हमारी कुछ सबसे बड़ी समस्याओं के वास्तविक उत्तर समेटे हुए है। हमने 1984 में एक छोटी शुरुआत की थी—सीएसआईआर के अंतर्गत स्थापित अड़तीस राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं में से एक के रूप में, मात्र दस हज़ार वर्ग फुट के स्थान से। तब से लेकर आज तक हमने जो कुछ विकसित किया है—चंडीगढ़ में सैंतालीस एकड़ का परिसर, जिसमें बाईस एकड़ में फैली आधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाएँ शामिल हैं—वह उन वैज्ञानिकों, छात्रों और कर्मचारियों के अनवरत परिश्रम का प्रतिफल है जो निरंतर आते रहे और गंभीर सवाल पूछते रहे। इसी लगन से हम माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी में भारत के अग्रणी संस्थानों में से एक बने।

दृढ़ता और उत्कृष्टता के प्रति संकल्प के साथ, हमारे वैज्ञानिकों ने रीकॉम्बिनेंट, क्लॉट-विशिष्ट स्ट्रेप्टोकाइनेज (Streptokinase) विकसित किया—जो बड़े पैमाने पर मरीजों तक पहुँचने वाले भारत के शुरुआती स्वदेशी बायोफार्मास्युटिकल्स में से एक बना। हमने 'कम्प्यूटेशनल रिसोर्स फॉर ड्रग डिस्कवरी' (CRDD) का निर्माण किया, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ता प्रतिदिन परामर्श करते हैं और जो आज भी जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले डिजिटल संसाधनों में सम्मिलित है। हमने 'माइक्रोबियल टाइप कल्चर कलेक्शन' (MTCC) की स्थापना की, जो आज तेरह हज़ार पाँच सौ से अधिक प्रामाणिक संवर्धों (authenticated cultures) का संजोयक है—जिसमें भारतीय मूल के सूक्ष्मजीवों के सॉवरेन टाइप स्ट्रेन्स (type strains) और स्पेसिमेन वाउचर्स (specimen vouchers) का सबसे बड़ा संग्रह शामिल है। इसे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा जैविक विविधता अधिनियम के अंतर्गत एक नामित रिपॉजिटरी के रूप में अधिसूचित किया गया है, WIPO द्वारा एक इंटरनेशनल डिपॉजिटरी अथॉरिटी के रूप में मान्यता प्राप्त है, और भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) द्वारा इसके रेफरेंस स्ट्रेन प्रदाता के रूप में इस पर भरोसा किया गया है। इनमें से प्रत्येक उपलब्धि उन लोगों के वर्षों के शांत और गहन परिश्रम का प्रतिफल है, जिन्होंने कभी किसी कठिन प्रश्न को अनुत्तरित नहीं छोड़ा।

हमारे संस्थागत मैंडेट के अनुरूप, हमारा कार्य प्रयोगशाला में खोजे गए ज्ञान और किसी मरीज, किसान अथवा उत्पादन लाइन की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को पाटना जारी रखेगा। कई मायनों में, IMTECH देश की सबसे शुरुआती क्लासिक बायोफाउंड्रीज (biofoundries) में से एक रहा है, जिसने आधुनिक बायोइकोनॉमी शब्दावली के प्रचलन में आने से बहुत पहले ही स्ट्रेन की खोज, बायोप्रोसेस डिज़ाइन और स्केल-अप को एक सूत्र में पिरोया था। आज, जैसे-जैसे जीव विज्ञान एक वर्णनात्मक विज्ञान से रूपांतरित होकर इंजीनियरिंग का रूप ले रहा है, हम अपने समूचे मिशन में उसी डिज़ाइन-बिल्ड-टेस्ट-लर्न (DBTL) की कार्यसंस्कृति को समाहित करते हैं।

आज भी हमारी प्रयोगशाला इसी तरह के और भी अधिक महत्वपूर्ण विषयों पर काम कर रही है। रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) और तपेदिक (TB) हमारे मिशन के केंद्र में बने हुए हैं; जहाँ हमारे वैज्ञानिक नई ड्रग लीड्स (drug leads) की खोज कर रहे हैं, यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रतिरोध कैसे विकसित होता है, और हमारी BSL-3 कंटेनमेंट तथा स्ट्रक्चरल बायोलॉजी क्षमताओं के संबल से द्रुत निदान प्रणालियों का निर्माण कर रहे हैं। माइक्रोबायोम विज्ञान हमें हिमालय के गर्म झरनों (hot springs) जैसे एक्सट्रीम पर्यावरण से लेकर मानव आंत तक और भारत की विशाल जनसंख्या में व्याप्त सूक्ष्मजीवी विविधता के अध्ययन तक ले जाता है। सिंथेटिक बायोलॉजी में, हम स्वदेशी होस्ट और वेक्टर प्रणालियों को इंजीनियर कर रहे हैं, स्वच्छ औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए सशक्त एंजाइम और इंजीनियर किए गए सूक्ष्मजीव विकसित कर रहे हैं—कचरे को ईंधन में बदलना, कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करना, और ऐसे बायोमॉलिक्यूल्स का निर्माण करना जो अन्यथा बनाना कठिन है। हमारे वैक्सीन और प्रोटीन-उत्पादन प्लेटफॉर्म और cGMP- प्रसंस्करण सुविधा का उपयोग, इस कार्य को प्रयोगशाला की बेंच से क्लिनिक या उद्योग की ओर ले जाते हैं। साथ ही, MTCC लगातार एक विश्वसनीय डिजिटल संसाधन बनता जा रहा है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे पास मौजूद जैविक संपदा वास्तव में शोधकर्ताओं और उद्योग दोनों के लिए सुलभ हो। हम उन औद्योगिक भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हैं जो हमारे पास हल करने के लिए वास्तविक समस्याएं लाते हैं, और हम उन वैज्ञानिकों को प्रशिक्षित करने में गहराई से निवेश करते हैं जो हमारे बाद इस कार्य को आगे बढ़ाएँगे।

हम एक ऐसा संस्थान बने रहना चाहते हैं जहाँ अच्छा, धैर्यवान विज्ञान हमेशा आर्ग्यूमेंट जीते—जहाँ क्या काम किया जाए, यह काम की गुणवत्ता और उसके पीछे के आर्ग्यूमेंट्स की ईमानदारी से तय हो; और जहाँ वरिष्ठ वैज्ञानिक से लेकर लैब तकनीशियन तक, यहाँ का प्रत्येक व्यक्ति यह जाने कि जो वह करता है वह मायने रखता है, और उसके योगदान को पूरा सम्मान दिया जाता है।

एक ईमानदार, सक्षम और स्वतंत्र वैज्ञानिक साझेदार की तलाश में जुटे प्रत्येक शोधकर्ता, छात्र, उद्योग भागीदार और नियामक के लिए—हमारे दरवाजे खुले हैं।

धैर्य और ईमानदारी के साथ किया गया अच्छा विज्ञान इतिहास बदल सकता है। हम यही उम्मीद करते हैं कि हम यहाँ एक साथ मिलकर इसे सिद्ध करते रहेंगे।

 

 

अंतिम संशोधित तिथि :- 14-09-2026